WORKING OF PLC
PLC is an industrial digital computer consisting mainly of 5 parts. Power supply unit, input unit, memory unit, CPU and output unit.The power supply unit of any PLC makes 2 types of supply itself +5V DC and +24V DC. 5V DC is for internal circuit and 24V DC is for external circuit.
Let us understand by an example.
Understand that we have a push button (Xo), with the help of which we have to turn on a light (Yo) of 24V DC. So we connected the push button (Xo) to the PLC's input and connected the light (Yo) to the output and by creating a logic we uploaded it to the PLC.Now as soon as we give the push button + 24V DC and press the push button.Then the supply goes through the resistor to the opto coplar and with the light of the opto coplar our transistor also operates.The Xo present in the input section will be turned on and the CPU of the PLC will read the logic present in the memory and the Xo present in the input section and turn on the status Yo. The light in the output will turn on.
Must read :-
(Opto coplar is a type of electrical component that transfers an electrical signal using light between two isolated circuits. Opto coplar signal protects the system by reducing the effects of high voltage on the receiving system. )
The main reason for applying opto coplar in PLC is that it separates the external and internal circuits. Therefore, if there is any interference in the external circuit, then it will not affect the internal circuit.
In Hindi :-
(पीएलसी एक इंडस्ट्रियल डिजिटल कंप्यूटर है इसके मुख्यतः 5 भाग होते है। पॉवर सप्लाई यूनिट , इनपुट यूनिट , मेमोरी यूनिट ,सीपीउ और आउटपुट यूनिट ।
किसी भी पीएलसी की पॉवर सप्लाई यूनिट स्वयं 2 तरह की सप्लाई बनाती है +5V DC और +24V DC..
5V DC इंटरनल सर्किट के लिए और 24V DC एक्सटरनल सर्किट के लिए होता है।
चलिए एक उदाहरण से समझते है।
समझ लीजिये हमारे पास एक पुश बटन (Xo) है ,जिसकी मदद से हमे 24V DC का एक लाइट (Yo) को ऑन करना है। तो हमने पीएलसी के इनपुट में पुश बटन (Xo) को कनेक्ट किया और आउटपुट में लाइट (Yo) का कनेक्शन कर दिया और एक लॉजिक बनाकर हमने पीएलसी में अपलोड कर दिया। अब जैसे ही हम पुश बटन को +24V DC देते है और पुश बटन को दबाते है. तब सप्लाई रेजिस्टर से होते हुए ओप्टो कॉपलेर में जाता है और ओप्टो कॉपलेर की लाइट जलने के साथ हमारा ट्रांसिस्टर भी ऑपरेट हो जाता है। जिससे इनपुट सेक्शन में उपस्थित Xo ऑन हो जायेगा और पीएलसी का सीपीउ मेमोरी में उपस्थित लॉजिक और इनपुट सेक्शन में उपस्थित Xo को रीड करेगा और स्टेटस Yo को ऑन कर देगा। जिससे आउटपुट में लगी लाइट ऑन ही जाएगी।
जरूर पढ़े :-
(ओप्टो कॉपलेर एक तरह का इलेट्रिकल कॉम्पोनेन्ट होता है जो इलेट्रिकल सिगनल को ट्रान्सफर करता है दो आइसोलेटेड सर्किट के बीच में लाइट का उपयोग करके। ओप्टो कॉपलेर सिगनल रिसीव करने वाले सिस्टम को हाई वोल्टेज से होने वाले प्रभाव को कम करके सिस्टम को सुरक्छित करता है )
पीएलसी में ओप्टो कॉपलेर लगाने का मुख्य कारन यह हे की यह एक्सटर्नल और इंटरनल सर्किट को अलग कर देता है। जिससे अगर एक्सटर्नल सर्किट में किसी भी प्रकार इंटरफेरेंस होता है तो उसका प्रभाव इंटरनल सर्किट पर नहीं पड़ेगा। )
किसी भी पीएलसी की पॉवर सप्लाई यूनिट स्वयं 2 तरह की सप्लाई बनाती है +5V DC और +24V DC..
5V DC इंटरनल सर्किट के लिए और 24V DC एक्सटरनल सर्किट के लिए होता है।
चलिए एक उदाहरण से समझते है।
समझ लीजिये हमारे पास एक पुश बटन (Xo) है ,जिसकी मदद से हमे 24V DC का एक लाइट (Yo) को ऑन करना है। तो हमने पीएलसी के इनपुट में पुश बटन (Xo) को कनेक्ट किया और आउटपुट में लाइट (Yo) का कनेक्शन कर दिया और एक लॉजिक बनाकर हमने पीएलसी में अपलोड कर दिया। अब जैसे ही हम पुश बटन को +24V DC देते है और पुश बटन को दबाते है. तब सप्लाई रेजिस्टर से होते हुए ओप्टो कॉपलेर में जाता है और ओप्टो कॉपलेर की लाइट जलने के साथ हमारा ट्रांसिस्टर भी ऑपरेट हो जाता है। जिससे इनपुट सेक्शन में उपस्थित Xo ऑन हो जायेगा और पीएलसी का सीपीउ मेमोरी में उपस्थित लॉजिक और इनपुट सेक्शन में उपस्थित Xo को रीड करेगा और स्टेटस Yo को ऑन कर देगा। जिससे आउटपुट में लगी लाइट ऑन ही जाएगी।
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पीएलसी में ओप्टो कॉपलेर लगाने का मुख्य कारन यह हे की यह एक्सटर्नल और इंटरनल सर्किट को अलग कर देता है। जिससे अगर एक्सटर्नल सर्किट में किसी भी प्रकार इंटरफेरेंस होता है तो उसका प्रभाव इंटरनल सर्किट पर नहीं पड़ेगा। )

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